#एक गलती पर हजार बार आलोचना#

आलोचना करना लोगों का प्रिय शौक है अगर उन्हें आलोचना करने का मौका मिले तो वे दूसरे इंसान की इज्जत की धज्जियाँ उड़ा देते हैं जैसे वो उनका दुश्मन हो।

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एक और एक ग्यारह

एक और एक दो होते हैं सब जानते हैं लेकिन एक और एक ग्यारह होते हैं हमारा ध्यान इस बात पर कम जाता है। अगर एक और एक मिल जाये तो ग्यारह के बराबर होते हैं। जहाँ एकता है वहीं शक्ति है। हमें अपने दुश्मनों का मुकाबला एक और एक ग्यारह बनकर करना चाहिए।

★सादा जीवन उच्च विचार★

कुछ व्यक्तियों का जीवन इतना महान होता है बाकी लोग उनके बारे में अनुमान भी नहीं लगा पाते हैं।

आज तड़क-भड़क का जमाना है सभी दिखावा करने में व्यस्त हैं। सच्चाई और ईमानदारी कहीं खो गई है। आज इंसान दूसरे व्यक्ति से सिर्फ अपने स्वार्थ के कारण मिलता है पीठ पीछे उस व्यक्ति की बुराई करता है। सच्चे और ईमानदार लोग मिलने मुश्किल हो गए हैं। सब कुछ दिखाबा लगता है।

★आलसियों की इच्छा★

मुझे एक अच्छी नौकरी मिल जाये बिना कठिन परिश्रम किये।

मुझे अलादीन का चिराग मिल जाये।

मुझे हीरे-जवाहरात कहीं पड़े मिल जायें।

मुझे कभी जिंदगी में काम ना करना पड़े।

आलसियों को काम के नाम से ही बुखार आ जाता है।

मैं सचिन, धोनी बन जायूँ बिना क्रिकेट खेले।

मेरे पास सारी सुविधाएं उपलब्ध हों।

◆कुछ विचार कुछ बातें◆

एक दिन एक छात्र उदास था उसकी उदासी का कारण कुछ और था। इस छात्र का नाम पत्ती कुमार है यह छात्र बहुत भावुक है। एक दिन उसके कुछ दोस्त उसका मजाक उड़ाते हैं कि वह पत्तियों से बना है जल्दी ही सूख जाएगा। यह बात उसे लग गई और एक तरफ स्कूल के मैदान में अकेला गुमसुम आंशू बहा रहा था उसे कोई भी अपना नहीं लगा इस वक्त। इस वक्त वह तन्हा था उसका दुःख इस संसार के दुःख से अधिक था ऐसा उसे लगा। काफी देर रोने के बाद उसके क्लास की एक लड़की उसके पास आयी जो काफी समझदार थी। वह तुरंत सारा मामला समझ गई और बोली क्यों फालतू में उदास बैठे हो? दोस्तों की बातों का बुरा नहीं मानते हैं वे सब तुम्हारे साथ मजाक कर रहे थे तुम्हारा दिल दुखाना उनका उद्देश्य नहीं था। उसी समय उसके सारे दोस्त आये और सबने सॉरी बोला। सॉरी दोस्त बुरा मत माना करो। बुरा लगा हो तो सॉरी। सब दोस्त पत्ती कुमार को अपने साथ ले गये। अब पत्ती कुमार बहुत खुश था।

“भावुक होना अच्छा है लेकिन इतना भी भावुक मत बनिये कि किसी का सामान्य मजाक भी बहुत बुरा लगे।”

★बीमारी में सही इलाज क्या है?★अंग्रेजी या होमियोपैथी या आयुवेर्दिक?★

आज के समय में इंसान कब बीमार पड़ जाये किसी को पता नहीं चलता है। आज हमारे पास सब जानकारी हासिल करने का सोर्स है लेकिन हम उसका इस्तेमाल तब तक नहीं करते हैं जब तक उसकी जरूरत नहीं होती है। हमारी इस अज्ञानता का लाभ डॉक्टर उठाते हैं और एक छोटी बीमारी को बढ़ाकर उस मरीज को आजीवन के लिए बीमार बना देते हैं। कोई भी रोग हो जाने पर सिर्फ डॉक्टर पर ही भरोसा नहीं कर लेना चाहिए। अपने स्तर से उस बीमारी का पता करना चाहिए कि इस बीमारी का इतिहास क्या है? लक्षण क्या हैं? उपचार क्या है? अंग्रेजी दवा के साथ साथ और भी इलाज पद्धति हैं जैसे– होमियोपैथी, आयुवेर्दिक आदि। इन पद्धति का इलाज सस्ता पड़ता है लेकिन बहुत अच्छा होता है लेकिन हम ज्यादातर अंग्रेजी दवाओं पर आँख बंदकर विश्वास करते हैं। होमियोपैथी में कम दाम में अच्छा इलाज उपलब्ध है तो फिर अंग्रेजी दवाओं का महँगा इलाज क्यों कराना? फैसला आपका है आप अंग्रेजी दवाओं के महंगे इलाज से बर्बाद होना चाहते हैं या फिर सही इलाज कराना चाहते हैं।

“आयुर्वेद में सभी बीमारियों का इलाज उपलब्ध है। आयुर्वेद पर विश्वास कीजिए।”

◆ कुछ नटखट विचार ◆

सदा सत्य बोलो लेकिन अपने को बचाकर।

सुंदरता को निहारो लेकिन प्यार और सम्मान के साथ।

प्यार की तलाश करो लेकिन फ़ेसबुक, व्हाट्सएप पर नहीं।

प्यार करो एक से, इजहार करो दूसरी से, शादी करो तीसरी से, बच्चे पैदा करो चौथी से, अपने जीवन में खुश रहो प्रत्येक लड़की से

जब प्यार मिले, उसे कैच कर लो।

हर एक इंसान का सपना होता है कि एक बार उसे बहुत सारी लड़कियां प्यार करें एक साथ।

लड़की एक नौकरी की तरह होती है जो किसी को मिलती है तो किसी को जीवनभर इंतजार करना पड़ता है लेकिन जरूरत सबको होती है।

जीवन में एक शिक्षित समझदार लड़की नहीं, तो कुछ भी नहीं।

कभी किसी लड़की से बहस ना करें।

हथियार चलाने वाली लड़की बहुत खतरनाक होती है। हथियार औऱ लड़की का साथ बहुत खतरनाक होता है।